
सेंटर फॉर ऑरबिटल एंड रीइंट्री डेबरीज स्टडीज ने खबर दी है कि अगले 48 घंटों के भीतर अंतरिक्ष मलबे के दो बड़े टुकड़े पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर सकते हैं। इनमें से एक है 2000 किलोग्राम वजनी सेंटॉर रॉकेट का बेकार हिस्सा और दूसरा है 2500 किलोग्राम वजनी डेल्टा-3 रॉकेट का एक बेकार हिस्सा। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि सेंटॉर रॉकेट का मलबा 3 फरवरी को और डेल्टा-2 रॉकेट का मलबा 4 फरवरी को पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर रहा है। पृथ्वी के तीन-चौथाई हिस्से में पानी है इसलिए हमें इससे घबराने की जरूरत नहीं है, उम्मीद है कि अंतरिक्ष से आ रहा ये मलबा समंदर में ही कहीं आ गिरेगा। लेकिन फिरभी वैज्ञानिक ग्राउंड ट्रैकिंग सिस्टम से इस गिरते हुए मलबे पर निगाहें जमाए हुए हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक धरती पर गिर रहे इन मलबों से घबराने की जरूरत इसलिए भी नहीं है, क्योंकि वायुमंडल में प्रवेश करते ही ये धधक उठेगें और इनका ज्यादातर हिस्सा या तो भाप बनकर उड़ जाएगा...या फिर ये भी हो सकता है कि एक धमाके के साथ ये कई टुकड़ों में बंट जाए।




