जगह ग्रहण की शुरुआत ग्रहण खत्म
अगरतला 15h 01.५म 16h 00.७म
बंगलोर 14h 33.१म 15h 56.७म
भुबनेश्वर 14h 54.७म 15h 59.८म
चेन्नई 14h 28.९म 16h 04.८म
कोचीन 14h 19.३म 15h 59.3m
कटक 14h 56.०म 15h 58.९म
गुवाहाटी 15h 16.५म 15h 48.१म
हैदराबाद 15h 02.२म 15h 39.9m
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शनिवार, 24 जनवरी 2009
आसमान में अग्निचक्र

आइए, 26 जनवरी को बोर्नियो चलें, घने जंगलों से घिरे इस द्वीप में इस दिन का सूर्यास्त बेहद खास होगा। ऐसे सूर्योदय को देखना तो दूर अब तक किसी ने ऐसे नजारे की कल्पना भी नहीं की होगी। हिंद महासागर के दूर समुद्री क्षितिज में डूबता हुआ सूरज ऐसा अदभुत दृश्य दिखाएगा जिसे देख आप सम्मोहित से रह जाएंगे। जी हां बोर्नियो में डूबता हुआ सूरज एक अग्निचक्र के जैसा नजर आएगा, बिल्कुल इस तस्वीर की तरह। अग्निचक्र सूर्योस्त का ये अनोखा नजारा जावा और सुमात्रा के आसपास के द्वीपों से भी नजर आएगा।
दरअसल 26 जनवरी को इस साल का पहला सूर्यग्रहण पड़ रहा है और ये एन्युलर है। एन्युलर यानि सूरज और पृथ्वी के बीच में चंद्रमा की स्थिति कुछ ऐसी होगी कि चंद्रमा की छाया सूरज को पूरी तरह से ढंक तो लेगी लेकिन डायमंड रिंग नहीं बनेगी। बल्कि सूरज की से काला और चारों ओर से धधकते हुए छल्ले सा दिखेगा। बिल्कुल इस तस्वीर की तरह। एन्युलर सूर्यग्रहण का नजारा दक्षिण अफ्रीका, मेडागास्कर, ऑस्ट्रेलिया, और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों से नजर आएगा। भारत में कुछ दक्षिणी इलाकों, पूरे पूर्वी तटीय इलाके, उत्तर-पूर्व के ज्यादातर इलाकों, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और लक्ष्यद्वीप से नजर आएगा।
भारतीय समय के अनुसार सूर्यग्रहण का समय अलग-अलग शहरों के हिसाब से कुछ इस प्रकार है।
सूर्य ग्रहण की शुरुआत सुबह 10 बजकर 26 मिनट और 6 सेकेंड पर होगी। एन्युलर एक्लिप्स की शुरुआत होगी 11 बजकर 35 मिनट 8 सेकेंड पर और अग्निचक्र नजर आएगा 1 बजकर 28मिनट और 6 सेकेंड पर इस वक्त ग्रहण चरम पर होगा। दोपहर बाद 3 बजकर 21 मिनट और 6 सेकेंड पर अग्निचक्र हटना शुरू हो जाएगा और 4 बजकर 30 मिनट और 7 सेकेंड पर ग्रहण खत्म हो जाएगा।
ध्यान रखने की बात ये है कि भारत में कहीं भी अग्निचक्र नजर नहीं आएगा, यहां केवल आंशिक सूर्यग्रहण ही दिखेगा। देश के अलग-अलग शहरों में सूर्यग्रहण का समय कुछ इस तरह है -
दरअसल 26 जनवरी को इस साल का पहला सूर्यग्रहण पड़ रहा है और ये एन्युलर है। एन्युलर यानि सूरज और पृथ्वी के बीच में चंद्रमा की स्थिति कुछ ऐसी होगी कि चंद्रमा की छाया सूरज को पूरी तरह से ढंक तो लेगी लेकिन डायमंड रिंग नहीं बनेगी। बल्कि सूरज की से काला और चारों ओर से धधकते हुए छल्ले सा दिखेगा। बिल्कुल इस तस्वीर की तरह। एन्युलर सूर्यग्रहण का नजारा दक्षिण अफ्रीका, मेडागास्कर, ऑस्ट्रेलिया, और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों से नजर आएगा। भारत में कुछ दक्षिणी इलाकों, पूरे पूर्वी तटीय इलाके, उत्तर-पूर्व के ज्यादातर इलाकों, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और लक्ष्यद्वीप से नजर आएगा।
भारतीय समय के अनुसार सूर्यग्रहण का समय अलग-अलग शहरों के हिसाब से कुछ इस प्रकार है।
सूर्य ग्रहण की शुरुआत सुबह 10 बजकर 26 मिनट और 6 सेकेंड पर होगी। एन्युलर एक्लिप्स की शुरुआत होगी 11 बजकर 35 मिनट 8 सेकेंड पर और अग्निचक्र नजर आएगा 1 बजकर 28मिनट और 6 सेकेंड पर इस वक्त ग्रहण चरम पर होगा। दोपहर बाद 3 बजकर 21 मिनट और 6 सेकेंड पर अग्निचक्र हटना शुरू हो जाएगा और 4 बजकर 30 मिनट और 7 सेकेंड पर ग्रहण खत्म हो जाएगा।
ध्यान रखने की बात ये है कि भारत में कहीं भी अग्निचक्र नजर नहीं आएगा, यहां केवल आंशिक सूर्यग्रहण ही दिखेगा। देश के अलग-अलग शहरों में सूर्यग्रहण का समय कुछ इस तरह है -
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