इस साल 17 जनवरी को स्कैंडिनेविया की रात अचानक जगमगा उठी। एक बड़ा सा उल्कापिंड धधकता हुआ चला आ रहा था। ये उल्का जमीन से टकराने से पहले ही एक भयंकर धमाके के साथ टुकड़े-टुकड़े होकर बिखर गई। ये वीडियो धमाके से ठीक पहले का है और इसे अपने ऑटोमैटेड वीडियो कैमरे से रिकॉर्ड किया है स्वीडन के रोजर स्वेंसॉन ने। डच नेशनल वेदर सर्विस के जैकब क्वीपर ने बताया कि घटना वाले दिन उनके ऑफिस में फोन करने वालों का तांता लग गया हर कोई जानना चाहता था कि आसमान से गिरी ये चीज क्या है , और ये कहीं खतरनाक तो नहीं ? डेनिस एस्ट्रोनॉमी वेब साइट - www.astronomibladet.dk ने लिखा है कि इस धधकती हुई उल्का की चमक इतनी तेज थी कि चंद्रमा भी इसकी रोशनी के आगे फीका पड़ गया और रात का अंधेरा कुछ पल के लिए तेज चमकदार नीली रोशनी से नहा उठा।
गुरुवार, 22 जनवरी 2009
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संदीपजी,
जवाब देंहटाएंदेर से ही आए, लेकिन वाकई दुरुस्त आए!
आपका ब्लॉग आपके टी वी प्रोगामों के रेटिंग का कीर्तिमान तोडेगा!
आपके दोनों पोस्ट काफ़ी दिलचस्प ही नहीं बल्कि शिक्षाप्रद भी है. आप अपनी ब्लॉग को यूँही खगोल ज्ञान का खजाना बनाएँगे ऐसा विश्वास है. मैं आपके ब्लॉग का न सिर्फ़ नियमित पाठक बना रहूँगा बल्कि मेरे मीडिया के मित्रो में भी इसे प्रचारित करूंगा. मेरा सुझाव है
शुभकामनाओं सहित,
ए एस रघुनाथ, दिल्ली.
एक पाठक के नजरिए से अर्ज करुंगा कि अगर आप किसी ऐसे देश या इलाके का नाम ले रहे हैं जो लंदन, न्यूयार्क या डरबन की तरह मशहूर नहीं हैं, तो कृपया धरती पर उसकी स्थिति मार्क कर साथ में लगा दें। हो सके तो आक्षांश देशांतर भी, ताकि विज्ञान में सहज रुचि रखने वाले लोग उसके कितना पूरब या पश्चिम या फिर ध्रुव से कितना करीब या कितने दूर होने का एक अंदाजा लगा सकें।
जवाब देंहटाएंदीपक चौबे